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                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- विलंब, जिसका अर्थ है- आवश्यक या नियत से अधिक समय लगने की स्थिति, देर, अतिकाल। प्रस्तुत है हरिवंशराय बच्चन की कविता-  कलंक भाल पर लगा हुआ कटा
                                                                                                
                                                     
                            
 
क़दम कलुष निशीथ के उखड़ चुके,
शिविर नखत समूह के उजड़ चुके,
पुरा तिमिर दुरा चला दुरित वदन,
नव प्रकाश में अभी विलंब है।

ढले न गीत में नवल विहंग स्वर,
चले न स्वप्न ही नवीन पंख पर,
न खोल फूल ही सके नए नयन,
युग प्रभात में अभी विलंब है।

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43 minutes ago

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